Religious

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Seva Suman

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Soor Mangalya

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Radhiyali Ramjhat

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भगवान शिव का वाहन-‘नंदी’ की उत्पत्ती कथा !

पुराणों में यह कथा मिलती है कि शिलाद मुनि के ब्रह्मचारी हो जाने के कारण वंश समाप्त होता देख उनके पितरोंने अपनी चिंता उनसे व्यक्त की। शिलाद निरंतर योग तप आदि में व्यस्त रहने के कारण गृहस्थाश्रम नहीं अपनाना चाहते थे । अतः उन्होंने संतान की कामना से इंद्र देव को तप से प्रसन्न कर जन्म और मृत्यु से हीन पुत्र का वरदान मांगा। इंद्र ने इसमें असर्मथता प्रकट की तथा भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कहा। तब शिलाद ने कठोर तपस्या कर शिवजी को प्रसन्न किया और उनके ही समान मृत्युहीन तथा दिव्य पुत्र की मांग की।          Continue reading

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Categories: Food & Diet, Holistic Healing, Home Remedies, Know Your Herbs, Life Style, Meditation, Nature Cure, Ready Reckoner, Yoga & Pranayam | 1 Comment

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ब्राह्मणत्व की रक्षा परम आवश्यक है

श्रद्धेयजयदयाल गोयन्दका सेठजी, तत्व चिंतामणि पुस्तक से, गीताप्रेस गोरखपुर

नारायण ! नारायण !! नारायण !!! नारायण !!! नारायण !!!

हिंदू जाति की आज जो दुर्दशा है,वह पराधीन है, दीन है, दुखी है और सभी प्रकार से अवनत है; इसके कारण पर विचार करते समय आजकल कुछ भाई ऐसा मत प्रकट किया करते है की वर्णाश्रम-धर्म के कारण ही हिन्दू जाति की ऐसी दुर्दशा हुई है ।

वर्णाश्रम-धर्म न होता तो हमारी ऐसी स्थिति न होती । परन्तु विचार करने पर मालूम होता है की इस मत को प्रकट करने वाले भाईओ ने वर्णाश्रम-धर्म के तत्व को वस्तुत: समझा ही नहीं है ।

सच्ची बात तो यह है की जब तक इस देश में वर्ण आश्रम-धर्म का सुचारू रूप से पालन होता था । तब तक देश स्वाधीन था तथा यहाँ पर प्राय: सभी  प्रकार की सुख-समृधि थी । जबसे वर्णाश्रम-धर्म के पालन में अवेहलना होने लगी, तभी से हमारी दशा बिगड़ने लगी । इतने पर भी वर्णाश्रम-धर्म की द्रढ़ता ने ही हिन्दू जाति को बचाए रखा है ।

वर्णाश्रम  न होता और उसपर हिन्दू जाति की आस्था न होती तो शताब्दियों में होने वाले आक्रमणों से और विजेताओ के प्रभाव से हिन्दू जाति से अब तक नष्ट हो गयी होती । Continue reading

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