बनवारी रे जीने का सहारा

बनवारी रे, जीने का सहारा तेरा नाम रे
मुझे दुनियाँवालों से क्या काम रे

झूठी दुनियाँ, झूठे बंधन, झूठी हैं ये माया
झूठा साँस का आना जाना, झूठी हैं ये काया
यहाँ साचों तेरो नाम रे, बनवारी रे ...

रंग में तेरे रंग गयी गिरधर, छोड़ दिया जग सारा
बन गयी तेरे प्रेम की जोगन लेकर मन इकतारा
मुझे प्यारा तेरा धाम रे, बनवारी रे ...

दर्शन तेरा जिस दिन पाऊँ, हर चिंता मिट जाये 
जीवन मेरा इन चरणों में आस की ज्योत जलाये 
मेरी बाह पकड़ लो शाम रे, बनवारी रे ..
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