साधनादिपवित्रीकरणम्

सत्कार्यों-श्रेष्ठ उद्देश्यों के लिए यथाशक्ति साधन-माध्यम भी पवित्र रखने चाहिए । यज्ञ, संस्कार आदि कार्यों में जो उपकरण साधन-सामग्री प्रयुक्त हों, उनमें भी देवत्व का संस्कार जगाया जाता है । फल काटने को चाकू साफ किया, पोंछा जाता है । आपरेशन के चाकू को भाप के ऊँचे दबाव और तापक्रम पर शोधित किया जाता है, अदृश्य विषाणुओं से मुक्त किया जाता है । कर्मकाण्ड में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों-साधनों में सन्निहित अशुभ संस्कार हटाये जाते हैं, उन्हें मन्त्र शक्ति से नष्ट किया जाता है ।

परिस्थितियों के अनुरूप एक या अधिक स्वयंसेवक जल कलश लेकर खड़े हों । मन्त्र पाठ के साथ पल्लवों, कुशाओं या पुष्पों से सभी उपकरणों-साधनों का सिंचन करें । समिधा, पात्र, हव्य आदि सभी का सिंचन किया जाए । भावना करें कि भाव भरे आवाहन और मन्त्र शक्ति के प्रभाव से उनमें कुसंस्कारों के पलायन और सुसंस्कारों के उभार-स्थापन का क्रम चल रहा है ।

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